Dena Hoya kholi Ka Gganesha (दैणा होयां खोली का गणेशा)













दैणा होयां खोली का गणेशा

ओम्-प्रभात कु पर्व जाग, गो-सरूप पृथ्वी जाग, धर्म-सरुपी आकाश जाग, उदंकारी-काँठा जाग.. 
भानु पंखी-गरुण जाग, सप्त लोक जाग, इंद्र लोक जाग, मेघ लोक जा----ग


सुर्या-लोक जाग, चन्द्र-लोक जाग, तारा-लोक जाग, पवन-लोक जाग, 
ब्रम्हा का वेद जाग, गोरी का गणेश जाग हरु भरू संसार जाग, जीव-जाग जीवन जा----ग


सेतु-समुद्र जाग, खारी-समुद्र जाग, दुधी-समुद्र जाग, खेराणी-समुद्र जाग
घोर-समुद्र जाग, अघोर समुद्र जाग, प्रचंड-समुद्र जाग, श्वेत-बंधू रामेश्वर जा----ग


हियूं-हिवालू जाग, पाणी-पयाणु जाग, बाला-बैजनाथ जाग, धोली-देवप्रयाग जाग
हरी कु हरिद्वार जाग, काशी-विश्वनाथ जाग, बुढा-केदार जाग, भोला शम्भू नाथ जाग
काली-कुमाऊ जाग, चोपड़ा-चोथाण जाग, खटिम कु लिंग जाग, सोबन की गादि जा----ग


दैणा होयां खोली का गणेशा 
हे, दैणा होयां मोरी का नारेणा हे
दैणा होयां खोली का गणेशा 
हे, दैणा होयां मोरी का नारेणा हे..


दैणा होयां भूमि का भुम्याला हे, दैणा होयां पॉँच नाम देवा हे
दैणा होयां भूमि का भुम्याला हे, दैणा होयां पॉँच नाम देवा हे..


दैणा होयां नौ खोली का नाग हे, दैणा होयां नौखंडी नरसिंघा हे
दैणा होयां नौ खोली का नाग हे, दैणा होयां नौखंडी नरसिंघा हे..


 

Tyara Roop Ki Jhol Ma (त्यारा रूप कि झोल मा)

 











त्यारा रूप कि झोल मा, 
नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौली भि ग्याई..  जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई लो जौली भि ग्याई
त्यारा रूप कि झोल मा
नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौली भि ग्याई जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई लो जौली। 

ना हैंस ना हैंस दंतुड़ि दग्येली
भौंरु ना बैठुं उठुडी दग्येली
ना हैंस ना हैंस दंतुड़ि दग्येली
भौंरु ना बैठुं उठुडी ढकेली
रंग देखी कि त्यारु हो हो हो हो हो
रंग देखी कि त्यारु
बुरांश बिचारु खोल्ये भी..
खोल्ये भी ग्याई बोल्ये भी ग्याई
खोल्ये भी ग्याई लो बोल्ये भी ग्याई

कख बटि लेई स्य घुघती सि सांखी
कख पाई होली सि छुंयाल सांखी
कख बटि लेई स्य घुघती सि सांखी
कख पाई होली सि छुंयाल आंखि
तौं आँख्यूँ को रगर्याट हो हो हो हो
तौं आँख्यूँ को रगर्याट
त्यारा मन की बात खोलि भी
खोलि भी ग्याई बोलि भी ग्याई
खोलि भी ग्याई लो बोलि भी ग्याई

दबतो की टक्क त्वैमा
मनख्यु कु ज्यूं चा
तेरी मुखड़ि का सारा चकोर लग्यूं चा
दबतो की टक्क त्वैमा
मनख्यु कु ज्यूं चा
तेरी मुखड़ि का सारा चकोर लग्यूं चा
त्वै देखी हे राम हो हो हो हो हो
त्वै देखी हे राम ... स्यु ब्यखुनी को घाम.. स्येल्ये भि
स्येल्ये भि ग्याई अछ्ल्ये भी ग्याई
स्येल्ये भि ग्याई लो अछ्ल्ये भी ग्याई

जै कैमा की सुद्दी माया नि लाँद
कौज्याल पाणिमा छाया नि आंद
जै कैमा की सुद्दी माया नि लाँद
कौज्याल पाणिमा छाया नि आंद
तेरा छाला मन बीच हो हो हो हो हो
तेरा छाला मन बीच तस्वीर कैकी जाणि भी
जाणि भी आली पछ्याणि भी आली 
जाणि भी आली लो पछ्याणि भी आली 
त्यारा रूप कि झोल मा नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौली भि ग्याई जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई लो जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई लो जौली भि ग्याई

Kadpa Pahirwaan (कपड़ा प्हैवार्ण)

 

माँगल गीत : कपड़ा प्हैवार्ण

न्हाई ध्वेकी... लाडी मेरी... फुरपूर्या.. ह्वेगे…

न्हाई ध्वेकी… लाडी मेरी… फुरपूर्या.. ह्वेगे…
पैर पैर.. लाडी मेरी.. रेसमी कपड़ी…
बाबाजी.. तुम्हारा लैन.. बाजारू… मोल्येकी…
माँजीन.. तुम्हारी.. पिटारी... सजैई…

पैर पैर.. लाडी मेरी.. जरीन्द कपड़ी…
बडाजी.. तुम्हारा लैन.. हाटन… मोल्येकी…
बडीजीन.. तुम्हारी.. पिटारी… खोल्याली…

पैर पैर.. लाडी मेरी.. मोत्युँ जड़ित.. कपड़ी…
चचाजी.. तुम्हारा लैन.. देसून… मोल्येकी…
चचीजीन.. तुम्हारी.. पिटारी… सजाई…
न्हाई ध्वेकी… लाडी मेरी… फुरपूर्या.. ह्वेगे…

Haldi Baan (हल्दी बान - मंगल स्नान)



 

 

 

 

 

 

 

दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरा बरमा जी… दे द्यावा हलदी का बान हे…
जिया रेयाँ.. जिया मेरा.. बरमा जी… जौन दीनि हलदी का बान हे…
दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरी माँजी हे… दे द्यावा हलदी का बान हे…
जिया रेयाँ.. जिया मेरी.. मेरी बडी जी… जौन दीनि दै दूध का बान हे…
दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरी चची जी… दे द्यावा घ्यू तेल का बान हे…
जिया रेयाँ.. जिया मेरा.. पुफू जी… जौन दीनि चन्दन का बान हे…
दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरी भाभी जी… दे द्यावा समोया का बान हे…
दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरी दीदी जी… दे द्यावा कचूर का बान हे…
दे द्यावा कचूर का बान हे…
दे द्यावा कचूर का बान हे…

क्यान होये.. क्यान होये.. कुण्ड कौज्याल?
क्यान होये होलो.. सूरिज धुमैलो?
क्यान होये होलो.. सूरिज धुमैलो?
उबादेसु.. उबादेसु.. गौरा जी नहेंदी…
तब होये.. तब होये.. कुण्ड कौज्याल…
क्यान आई.. क्यान आई.. सिन्धु छलार?
क्यान होये होलो.. सूरिज धुमैलो?
नहेण लागी.. लछमी की लाडी…
तब आये.. तब आये.. सिन्धु छलार…
तब होये होलो.. सूरिज धुमैलो…

क्यान होई.. क्यान होई.. धौली पिंगली?
क्यान होये होलो.. सूरिज धुमैलो?
नहेण लागी.. सीता जी सरूपा…
तब होई.. तब होई.. धौली पिंगली…
तब होये होलो.. सूरिज धुमैलो….
तब होये होलो.. सूरिज धुमैलो…