केका मन की केन नि जानी

केका मन की केन नि जानी (2) केमा छे लोला तू खेरी लगानी (2)
केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जानी

केन नि सुनी डांडीयूँ की खेरी, केन नि फुन्जया डालियुं का आंशु (2)
पुंगडीयूँ की जिकुड़ीयूँ माँ साख्युं की पीड़ा, धरती की बिपदा केन पछ्याणी
केका मन की केन नि जानी, केका मन की केन नि जाणी

पूस जड्डों माँ निथाडेनदु घिन्दुड़ी, स्वीली पीड़ा माँ बिब्लान्द घुघूती
केन नि पूछी दुखयारी हिलांस, गीत खुदेड किले राली गाणी
केका मन की केन नि जानी, केका मन की केन नि जाणी

जेठा का घामु माँ लागुलियुं पिठेन्द, बंसुली की भोण माँ फूलु खुदेंद
केल पछ्यानी चोली की तीस, जिकुड़ी माँ डाम आंखियुं माँ पाणी
केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जाणी

राती कु दाना उड्यारु कणान्द, डोरा ला डालू बाचु लुकान्द
केन नि बिंगी बतादुन्द कर्द, बस्ग्याली रोल्ला बोलो की बानी
केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जानी

बाटों का गारा ब्याखुनी का बगत, जांदा बटवे की आंदवाली लगद
बाटों का गारा ब्याखुनी का बगत, जांदा बटवे की आंदवाली लगद
नि अटगिली कैंन ना कैं बूथेनी, निरमैंति ब्यटुली, सि तों की पराण
कै मा चे लोया तू खैरी लगाणी, केमा छे लोला तू खेरी लगाणी

केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जाणी
केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जाणी

 


 

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