Oye Lachi Ghor Rumuk Podige (औऽए लछि घोर रुमुक पोड़ि गे)

 

पुरुष
धार मां कु गैणुं….पार देख ऐगे….ग्वेर चली गेनी…..तू याखुली रैग्ये…

मुखड़ा – 1
पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …
धार मा कु गैणु पार देख ऐगे,
ग्वेर चली गेनी तू याखुली रे गे..
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …

महिला
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै,
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै,

मुखड़ा – 2
महिला
सेरा बोण हेरी गौरु नि मिलीनि,
हाथ खुट्युं म्यारा कांडा बैठी गे नि..2
कख जू खुज्योलू रात पोड़ी गे,
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै… 2

पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये … 2

मुखड़ा – 3
पुरुष
दगड़ा का छोरो न गोरु चरेनी,
तिन डाल्यूं मां भमोरा बुखैनी..2
गोरु नि देखि नि छेलु बैठीं रै
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …

महिला
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै… 2

मुखड़ा – 4
महिला
गौरु नि मिलला मिन घोर नी आंण,
सेसुरियों थैंयी मुख कनु के दिखाण..2
जा तू जा रे गैल्या मी तैं छोड़ी दे,
लछि मोरी ग्याई डेरा बोली दे.. .2

पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये … 2

मुखड़ा – 5
पुरुष
ना रवो लछि त्यारा गौरु चलि गैनी
ग्वैरू छोरों न डेरा हकऽयेनी..2
तू त खेलूँ मा…मौन बैठी गे,
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये … 2

महिला
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै…

पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …

महिला
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै…

पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …

 


 

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