तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा घस्यारी का भेष मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा घस्यारी का भेष मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
रोणु छौं परदेश मा….
ऊँची निसी डांडी गाड गद्न्या हिसर अर किन्गोड़ ला
छुल बुल बन ग्ये होली डाली ग्वेर दगडया तोडला
घणी कुनाल्यूँ का बिच अर बांज की डाली का छैल मा
बेटी ब्वारी बैठी होली बैख होला हैल मा
सर सर हव्वा आणि होली बद्रीनाथ का डांडा की
मुख मा लटुली उडणी होली ठंडी हवाळ डांडा की
पर मी मोरणु छौं घाम अर तीसळ ये देश मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा घस्यरी का भेष मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
रोणु छौं परदेश मा….
गौडी- भैंसी म्वा म्वा करदी रमदी लैंदी जब आली
ऊँकी गुसैण भांडी लेकी गौडी- भैंसी पिजाली
श्रौण -भादौ का मैना लोग धाणी सब जाला
ऊँका जनाना स्वामी कु अपड़ा स्यारों रोटी लिजाला
मूला की भुज्जी प्याज कु साग दै की कटोरी भोरीक
कोदा की अफुकू स्वामी कु ग्यून की रोटी खलल चोरीक
पर मी भुखू सी छौं अपड़ा स्वाद बिना ये देश मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा घस्यरी का भेष मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
रोणु छौं परदेश मा….

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