Meri Betuli Meri Laadi (मेरी बेटुली मेरी लाड़ लठ्याली)

 

मुखड़ा – 1
पिताजी
मेरी बेटुली मेरी लाड़ लठ्याली
मेरी चखुली मेरी फूलों की डाली… 2
आज स्या दयख्दा- दयख्दा
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली

बेटी
बाबा जी …..
यकुली यकुली कन क्वे की रौलू
हे माजी……
बिराणा मुलुक कन क्वे की रौलू

मुखड़ा – 2
पिताजी
अफू भी रवैं, मैतयूं भी रुलेगी आज छक्वेकी
हंसंदू खेलदू घौर सून कैं ग्ये झिकुड़ियों दुखैंकी
खुद लगली भै – बैणों की मैत्योंऽकी रवे ना
ऊपरी मुलुक ऊपरी मनख्यों मा धिराज खवैं ना
खुब फल फूली मैंत्यूं नां भूली, मेरी आंख्यों की उज्याली
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली, बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली

बेटी
बाबा जी …..
यकुली यकुली कन क्वे की रौलू
हे माजी……
बिराणा मुलुक कन क्वे की रौलू

मुखड़ा – 3
पिताजी
अपडू ह्वे की भी अपडु नी यो धन् कन धन चा
याद औंन्दन तेरा खेल खिलौणा, दिन बाला पनका
किल्कवरी मारी ग्वाया लगाणु, याद आणु चा
तुतलैकी तेरु बोल्णु – बच्याणु याद आणु चा
नवाई -तपाईं, ग्वलयाई हियाई, झिकुणी का काख स्वाई
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली, बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली

बेटी
बाबा जी ……..हे माजी……
पिताजी…… हे माँ जी

मुखड़ा – 4
पिताजी
मुख ना लगी दाना स्याणु का प्रेम से रैई
भलु – बुरु जन हो भाग मा ब्येटी टुप सै ल्येई
अमर रयां तेरु स्वाग सदानी सुखःसंती रयां तु,
वीं घर की लाज छै अपडु धर्म निभैं तु
खुब फल फूली मैंत्यूं नां भूली, मेरी आंख्यों की उज्याली
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली, बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली

बेटी
बाबा जी ……..हे माजी……

 


 

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