Mori Mori Ki Maand Pe Lya (मोरी मोरी की मांड पे ल्या..पे ल्या)

 

मुखड़ा – 1
मोरी मोरी की मांड पे ल्या..पे ल्या
मोरी मोरी की मांड पेल्या..पेल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या…निभेल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या… निभेल्या
मोरी मोरी की मांड पेल्या

मुखड़ा – 2
खड़ी उकाल छई ज्वा कटेगे….खड़ी उकाल
खड़ी उकाल छई ज्वा कटेगे…..
रै उंदार हीलमुंडी खैल्या…..खैल्या
रै उंदार हीलमुंडी खैल्या…..खैल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या………

मुखड़ा – 3
धुंवांणयाँ हुक्का डब्बा खंखरा को…..धुंवांणयाँ हुक्का
धुंवांणयाँ हुक्का डब्बा खंखरा को
नयु जमानो ऐगे लुकैल्या…..लुकैल्या
नयु जमानो ऐगे लुकैल्या…..लुकैल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या

मुखड़ा – 4
उन्द चन्यां नात्यों का कांधों को…जु पुन्य चन्यां
उन्द चन्यां नात्यों का कांधों को
नौना ब्वार्यों की सै ल्या…..सै ल्या
नौना ब्वार्यों की सै ल्या…..सै ल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या

मुखड़ा – 5
तुमरी खुद अब कैथें नी लगणी…तुमरी खुद
तुमरी खुद अब कैथें नी लगणी
तुम खुदेणा छाँ खुदेल्या…खुदेल्या
तुम खुदेणा छाँ खुदेल्या…खुदेल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या

मुखड़ा – 6
अब यूँ घरो बल कैन नी बूढ़ेंण..अब यूँ घरो मां
अब यूँ घरो बल कैन नी बूढ़ेंण
तैं बूढ़्यांण दगड़ै लिजैल्या…लिजैल्या
तैं बूढ़्यांण दगड़ै लिजैल्या…लिजैल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या…निभेल्या
मोरी मोरी की मांड पेल्या….पेल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या…निभेल्या
मोरी मोरी की मांड पेल्या…पेल्या

 


 

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