Dena Hoya kholi Ka Gganesha (दैणा होयां खोली का गणेशा)













दैणा होयां खोली का गणेशा

ओम्-प्रभात कु पर्व जाग, गो-सरूप पृथ्वी जाग, धर्म-सरुपी आकाश जाग, उदंकारी-काँठा जाग.. 
भानु पंखी-गरुण जाग, सप्त लोक जाग, इंद्र लोक जाग, मेघ लोक जा----ग


सुर्या-लोक जाग, चन्द्र-लोक जाग, तारा-लोक जाग, पवन-लोक जाग, 
ब्रम्हा का वेद जाग, गोरी का गणेश जाग हरु भरू संसार जाग, जीव-जाग जीवन जा----ग


सेतु-समुद्र जाग, खारी-समुद्र जाग, दुधी-समुद्र जाग, खेराणी-समुद्र जाग
घोर-समुद्र जाग, अघोर समुद्र जाग, प्रचंड-समुद्र जाग, श्वेत-बंधू रामेश्वर जा----ग


हियूं-हिवालू जाग, पाणी-पयाणु जाग, बाला-बैजनाथ जाग, धोली-देवप्रयाग जाग
हरी कु हरिद्वार जाग, काशी-विश्वनाथ जाग, बुढा-केदार जाग, भोला शम्भू नाथ जाग
काली-कुमाऊ जाग, चोपड़ा-चोथाण जाग, खटिम कु लिंग जाग, सोबन की गादि जा----ग


दैणा होयां खोली का गणेशा 
हे, दैणा होयां मोरी का नारेणा हे
दैणा होयां खोली का गणेशा 
हे, दैणा होयां मोरी का नारेणा हे..


दैणा होयां भूमि का भुम्याला हे, दैणा होयां पॉँच नाम देवा हे
दैणा होयां भूमि का भुम्याला हे, दैणा होयां पॉँच नाम देवा हे..


दैणा होयां नौ खोली का नाग हे, दैणा होयां नौखंडी नरसिंघा हे
दैणा होयां नौ खोली का नाग हे, दैणा होयां नौखंडी नरसिंघा हे..


 

Tyara Roop Ki Jhol Ma (त्यारा रूप कि झोल मा)

 











त्यारा रूप कि झोल मा, 
नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौली भि ग्याई..  जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई लो जौली भि ग्याई
त्यारा रूप कि झोल मा
नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौली भि ग्याई जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई लो जौली। 

ना हैंस ना हैंस दंतुड़ि दग्येली
भौंरु ना बैठुं उठुडी दग्येली
ना हैंस ना हैंस दंतुड़ि दग्येली
भौंरु ना बैठुं उठुडी ढकेली
रंग देखी कि त्यारु हो हो हो हो हो
रंग देखी कि त्यारु
बुरांश बिचारु खोल्ये भी..
खोल्ये भी ग्याई बोल्ये भी ग्याई
खोल्ये भी ग्याई लो बोल्ये भी ग्याई

कख बटि लेई स्य घुघती सि सांखी
कख पाई होली सि छुंयाल सांखी
कख बटि लेई स्य घुघती सि सांखी
कख पाई होली सि छुंयाल आंखि
तौं आँख्यूँ को रगर्याट हो हो हो हो
तौं आँख्यूँ को रगर्याट
त्यारा मन की बात खोलि भी
खोलि भी ग्याई बोलि भी ग्याई
खोलि भी ग्याई लो बोलि भी ग्याई

दबतो की टक्क त्वैमा
मनख्यु कु ज्यूं चा
तेरी मुखड़ि का सारा चकोर लग्यूं चा
दबतो की टक्क त्वैमा
मनख्यु कु ज्यूं चा
तेरी मुखड़ि का सारा चकोर लग्यूं चा
त्वै देखी हे राम हो हो हो हो हो
त्वै देखी हे राम ... स्यु ब्यखुनी को घाम.. स्येल्ये भि
स्येल्ये भि ग्याई अछ्ल्ये भी ग्याई
स्येल्ये भि ग्याई लो अछ्ल्ये भी ग्याई

जै कैमा की सुद्दी माया नि लाँद
कौज्याल पाणिमा छाया नि आंद
जै कैमा की सुद्दी माया नि लाँद
कौज्याल पाणिमा छाया नि आंद
तेरा छाला मन बीच हो हो हो हो हो
तेरा छाला मन बीच तस्वीर कैकी जाणि भी
जाणि भी आली पछ्याणि भी आली 
जाणि भी आली लो पछ्याणि भी आली 
त्यारा रूप कि झोल मा नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौली भि ग्याई जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई लो जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई जौली भि ग्याई
गौली भि ग्याई लो जौली भि ग्याई

Kadpa Pahirwaan (कपड़ा प्हैवार्ण)

 

माँगल गीत : कपड़ा प्हैवार्ण

न्हाई ध्वेकी... लाडी मेरी... फुरपूर्या.. ह्वेगे…

न्हाई ध्वेकी… लाडी मेरी… फुरपूर्या.. ह्वेगे…
पैर पैर.. लाडी मेरी.. रेसमी कपड़ी…
बाबाजी.. तुम्हारा लैन.. बाजारू… मोल्येकी…
माँजीन.. तुम्हारी.. पिटारी... सजैई…

पैर पैर.. लाडी मेरी.. जरीन्द कपड़ी…
बडाजी.. तुम्हारा लैन.. हाटन… मोल्येकी…
बडीजीन.. तुम्हारी.. पिटारी… खोल्याली…

पैर पैर.. लाडी मेरी.. मोत्युँ जड़ित.. कपड़ी…
चचाजी.. तुम्हारा लैन.. देसून… मोल्येकी…
चचीजीन.. तुम्हारी.. पिटारी… सजाई…
न्हाई ध्वेकी… लाडी मेरी… फुरपूर्या.. ह्वेगे…

Haldi Baan (हल्दी बान - मंगल स्नान)



 

 

 

 

 

 

 

दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरा बरमा जी… दे द्यावा हलदी का बान हे…
जिया रेयाँ.. जिया मेरा.. बरमा जी… जौन दीनि हलदी का बान हे…
दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरी माँजी हे… दे द्यावा हलदी का बान हे…
जिया रेयाँ.. जिया मेरी.. मेरी बडी जी… जौन दीनि दै दूध का बान हे…
दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरी चची जी… दे द्यावा घ्यू तेल का बान हे…
जिया रेयाँ.. जिया मेरा.. पुफू जी… जौन दीनि चन्दन का बान हे…
दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरी भाभी जी… दे द्यावा समोया का बान हे…
दे द्यावा.. दे द्यावा.. मेरी दीदी जी… दे द्यावा कचूर का बान हे…
दे द्यावा कचूर का बान हे…
दे द्यावा कचूर का बान हे…

क्यान होये.. क्यान होये.. कुण्ड कौज्याल?
क्यान होये होलो.. सूरिज धुमैलो?
क्यान होये होलो.. सूरिज धुमैलो?
उबादेसु.. उबादेसु.. गौरा जी नहेंदी…
तब होये.. तब होये.. कुण्ड कौज्याल…
क्यान आई.. क्यान आई.. सिन्धु छलार?
क्यान होये होलो.. सूरिज धुमैलो?
नहेण लागी.. लछमी की लाडी…
तब आये.. तब आये.. सिन्धु छलार…
तब होये होलो.. सूरिज धुमैलो…

क्यान होई.. क्यान होई.. धौली पिंगली?
क्यान होये होलो.. सूरिज धुमैलो?
नहेण लागी.. सीता जी सरूपा…
तब होई.. तब होई.. धौली पिंगली…
तब होये होलो.. सूरिज धुमैलो….
तब होये होलो.. सूरिज धुमैलो…

Sagun Bol Sagun Nyoto Maangal Geet (सगुन बोल सगुन न्यूतो)


माँगल गीत : सगुन बोल सगुन न्यूतो

औ बैठ कागा… हरिया बिरिछ…
औ बैठ कागा… हरिया बिरिछ…
बोल बोल कागा… चौदिसि सगुन…
बिचारा बरमा जी तै कागा की बोली…
बेदमुखी बरमा जी… बेद पढ़ला…
सगुनी कागा.. सगुन बोललो…
सगुनी कागा.. सगुन बोललो…


पिञ्जरी का सूवा.. अटारि का सूवा…
दे औ सूवा तू.. स्वागिण्यूँ न्यूतो…
सोना पंखी सूवा तू.. लाल ठोन्ट सूवा…
दे औ सूवा तू.. स्वागिण्यूँ न्यूतो…
दे औ सूवा तू.. स्वागिण्यूँ न्यूतो…

जण्दो नि छों मैं.. पछण्दो नि छों मैं…
कै घर.. कै देबि.. न्युतिकि औलो ?
कै घर.. कै देबि.. न्युतिकि औलो ?
बरमा जी क घर होली.. साबित्री देबि..
वे घर.. वीं देबि.. न्युतिकि ऐयी…
बिस्णु जी क घर होली.. लछमि देबि…
वे घर.. वीं देबि.. न्युतिकि ऐयी…
सिवजी जी क घर होली.. पारबती देबि…
वे घर.. वीं देबि.. न्युतिकि ऐयी…
वे घर.. वीं देबि.. न्युतिकि ऐयी…
दे औ सूवा तू.. स्वागिण्यूँ न्यूतो…
दे औ सूवा तू.. स्वागिण्यूँ न्यूतो… 

De Dyawa Buba Ji Kanya Ku Daan (दे द्यावा बूबा जी कन्या कू दान)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

दे द्यावा बूबा जी दे द्यावा बूबा जी 
कन्या कू दान 
दे द्यावा बूबा जी कन्या कू दाना हे 
दे द्यावा बूबा जी दे द्यावा बूबा जी 
कन्या कू दान 
दे द्यावा बूबा जी कन्या 

हिरा दान मोती दान सब कोई देला 
कु भग्यान देलु कन्या कू दाना हे 

जरा मेरा बूबा जी जरा मेरा मामा जी कन्या कू दान 
जरा मेरी माजी कन्या कू दाना हे
तुम हेया बाबा जी तुम हेया बाबा जी पुनिया का भागी 
तुम हेया माजी पुनिया का 

अन दान धन दान सब कोई देला 
कू भगयानी देलु कन्या 

जरा मेरा मामाजी जरा मेरा मामाजी कन्या कू दान 
जरा मेरी मामीजी कन्या कू दाना हे 
तुम हेया मामाजी तुम हेया मामाजी पुनिया का भागी 
तुम हेया मामीजी पुनिया का 

भूमि दान सोना दान सब कोई देला 
कू भगयानी देलु कन्या क

जरा मेरा बाड़ा जी जरा मेरा बाड़ा जी कन्या कू दान 
जरा मेरी बड़ी जी कन्या कू दाना हे 
तुम हेया बाड़ा जी तुम हेया बाड़ा जी पुनिया का भागी 
तुम हेया बड़ी जी पुनिया का

दे द्यावा बूबा जी दे द्यावा मामाजी 
कन्या कू दान 
दे द्यावा मामाजी कन्या कू दाना हे 
दे द्यावा मामाजी कन्य

Teri Peeda Ma Dwe Anshu (तेरी पीडा मा द्वि आंसू मेरा भी)

 

मुखड़ा -1
पुरुष

तेरी पीडा मा द्वि आंसू मेरा भी
तौरी जला पीडा ना लुकेई

महिला
ज्यूँ हल्कू हवे जालु तेरु भी
द्वि आखर चिठ्ठी मा लेखी देई

पुरुष
तेरी पीडा मा द्वि आंसू मेरा भी
तौरी जला पीडा ना लुकेई-
पीडा ना लुकेई…….

मुखड़ा -2
पुरुष

तख तेरी कलेजी कांडोऽन दुपी हो
यख रो मी फूलो मा हिटणू
न हो कभी अजाणम न हो….न हो

महिला
कखी तेरी आँखी आंसूंन भरी हो
यख रौं मी खित -खित हैसणू
न हो कभी अजाणम न हो…न हो
ज्यू हलकू ह्वे जालू तेरु भी
द्वी आखर चीढ़ी मा लेखी देयी….

पुरुष
तेरी पीडा मा द्वि आंसू मेरा भी
तौरी जला पीडा ना लुकेई
पीडा ना लुकेई…….

मुखड़ा -3
महिला

तख तेरा चूलाऽउन्द आग ना जगी हो
यख रो मी तैंका चढाणो
न हो कभी अजाणम न हो…… न हो

पुरुष
कखी तेरी गोली हो तिसल उबाणी
यख रो मी छामोटा लगाणों
न हो कभी अजाण म न हो न हो
दुःख हलकू हवे जालु तेरु भी
बाटी लेई दुःख ना छुपैई

महिला
तेरी पीडा मा द्वि आंसू मेरा भी
तौरी जला पीडा ना लुकेई
पीडा ना लुकेई….

मुखड़ा -4
पुरुष

कखी तेरी स्याणी हो मै खोज्याणी,
यख छोड़ी द्यूं आस पलणु
न हो कखी अजाण म न हो न हो

महिला
तख तेरा हाथ बटी छुटी जाऊ कलम
यख रो मी चिठ्ठीऽयू जग्वाल्णु
न हो कखी अजाण म न हो न हो
ज्यू हलकू ह्वे जालू तेरु भी
द्वी आखर चीढ़ी मा लेखी देयी….

पुरुष
तेरी पीडा मा द्वि आंसू मेरा भी
तौरी जला पीडा ना लुकेई
पीडा ना लुकेई

 


 

Mori Mori Ki Maand Pe Lya (मोरी मोरी की मांड पे ल्या..पे ल्या)

 

मुखड़ा – 1
मोरी मोरी की मांड पे ल्या..पे ल्या
मोरी मोरी की मांड पेल्या..पेल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या…निभेल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या… निभेल्या
मोरी मोरी की मांड पेल्या

मुखड़ा – 2
खड़ी उकाल छई ज्वा कटेगे….खड़ी उकाल
खड़ी उकाल छई ज्वा कटेगे…..
रै उंदार हीलमुंडी खैल्या…..खैल्या
रै उंदार हीलमुंडी खैल्या…..खैल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या………

मुखड़ा – 3
धुंवांणयाँ हुक्का डब्बा खंखरा को…..धुंवांणयाँ हुक्का
धुंवांणयाँ हुक्का डब्बा खंखरा को
नयु जमानो ऐगे लुकैल्या…..लुकैल्या
नयु जमानो ऐगे लुकैल्या…..लुकैल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या

मुखड़ा – 4
उन्द चन्यां नात्यों का कांधों को…जु पुन्य चन्यां
उन्द चन्यां नात्यों का कांधों को
नौना ब्वार्यों की सै ल्या…..सै ल्या
नौना ब्वार्यों की सै ल्या…..सै ल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या

मुखड़ा – 5
तुमरी खुद अब कैथें नी लगणी…तुमरी खुद
तुमरी खुद अब कैथें नी लगणी
तुम खुदेणा छाँ खुदेल्या…खुदेल्या
तुम खुदेणा छाँ खुदेल्या…खुदेल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या

मुखड़ा – 6
अब यूँ घरो बल कैन नी बूढ़ेंण..अब यूँ घरो मां
अब यूँ घरो बल कैन नी बूढ़ेंण
तैं बूढ़्यांण दगड़ै लिजैल्या…लिजैल्या
तैं बूढ़्यांण दगड़ै लिजैल्या…लिजैल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या…निभेल्या
मोरी मोरी की मांड पेल्या….पेल्या
जख तलक वे साकू निभेल्या…निभेल्या
मोरी मोरी की मांड पेल्या…पेल्या

 


 

Meri Betuli Meri Laadi (मेरी बेटुली मेरी लाड़ लठ्याली)

 

मुखड़ा – 1
पिताजी
मेरी बेटुली मेरी लाड़ लठ्याली
मेरी चखुली मेरी फूलों की डाली… 2
आज स्या दयख्दा- दयख्दा
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली

बेटी
बाबा जी …..
यकुली यकुली कन क्वे की रौलू
हे माजी……
बिराणा मुलुक कन क्वे की रौलू

मुखड़ा – 2
पिताजी
अफू भी रवैं, मैतयूं भी रुलेगी आज छक्वेकी
हंसंदू खेलदू घौर सून कैं ग्ये झिकुड़ियों दुखैंकी
खुद लगली भै – बैणों की मैत्योंऽकी रवे ना
ऊपरी मुलुक ऊपरी मनख्यों मा धिराज खवैं ना
खुब फल फूली मैंत्यूं नां भूली, मेरी आंख्यों की उज्याली
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली, बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली

बेटी
बाबा जी …..
यकुली यकुली कन क्वे की रौलू
हे माजी……
बिराणा मुलुक कन क्वे की रौलू

मुखड़ा – 3
पिताजी
अपडू ह्वे की भी अपडु नी यो धन् कन धन चा
याद औंन्दन तेरा खेल खिलौणा, दिन बाला पनका
किल्कवरी मारी ग्वाया लगाणु, याद आणु चा
तुतलैकी तेरु बोल्णु – बच्याणु याद आणु चा
नवाई -तपाईं, ग्वलयाई हियाई, झिकुणी का काख स्वाई
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली, बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली

बेटी
बाबा जी ……..हे माजी……
पिताजी…… हे माँ जी

मुखड़ा – 4
पिताजी
मुख ना लगी दाना स्याणु का प्रेम से रैई
भलु – बुरु जन हो भाग मा ब्येटी टुप सै ल्येई
अमर रयां तेरु स्वाग सदानी सुखःसंती रयां तु,
वीं घर की लाज छै अपडु धर्म निभैं तु
खुब फल फूली मैंत्यूं नां भूली, मेरी आंख्यों की उज्याली
बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली, बिराणी ह्वेग्ये सैती – पाली

बेटी
बाबा जी ……..हे माजी……

 


 

Bhalu Laudu Bhanuli (भलुलगदू भानुली तेरु मठु– मठुहिटणु)

 

मुखड़ा – 1
पुरुष
भलु लगदू भानुली तेरु मठु – मठु हिटणु
हे भलु लगदू…. 2
हिटणु ऐथर, हेरणु पैथर, हरकणु – फरकुणु
भलु लगदू, भलु लगदू……

महिला
भलु लगदू मोहना तेरु हैंस हैंसी बच्याणु रे
हे भलु लगदू…. 2
हैसणु – हैसाणु, मायालु बच्याणु, छुयों मा अलझाणु
भलु लगदू, भलु लगदू……

पुरुष
भलु लगदू भानुली तेरु मठु – मठु हिटणु
हे भलु लगदू….

महिला
हे भलु लगदू मोहना तेरु हैंस हैंसी बच्याणु रे
हे भलु लगदू….

मुखड़ा – 2
पुरुष

हाथ थमाली,थमाली कु बेन्डु
हाथ थमाली थमाली कु बेन्डु
तेरी कराई हिटाई भानुली
करि झिकुणी झिकुणी मा छैन्डु
करि झिकुणी झिकुणी मा छैन्डु
हिटणु ऐथर, हेरणु पैथर,हरकणु – फरकुणु
भलु लगदू, भलु लगदू……

महिला
भलु लगदू मोहना तेरु हैंस हैंसी बच्याणु रे …. हे भलु लगदू….

पुरुष
भलु लगदू भानुली तेरु मठु – मठु हिटणु
हे भलु लगदू….

मुखड़ा – 3
महिला

खाई काखड़ी,काखड़ी मा ल्वोण
खाई काखड़ी,काखड़ी मा ल्वोण
मोहना तेरी छुयूं मा अलझी
मैंन ना घर ना बौण की रौण
मोहना तेरी छुयूं मा अलझी
मैंन ना घर ना बौण की रौण
हैसणु- हैसाणु, मायालु बच्याणु, छुयों मा अलझाणु
भलु लगदू, भलु लगदू……

पुरुष
भलु लगदू भानुली तेरु मठु – मठु हिटणु
हे भलु लगदू….

महिला
भलु लगदू मोहना तेरु हैंस हैंसी बच्याणु रे
हे भलु लगदू….

मुखड़ा -3
पुरुष

स्यौंद सिंदूर सिंदूर की बैन्दी
स्यौंद सिंदूर सिंदूर की बैन्दी
भनुली ब्याली तैन सेवा नी लाई
भनुली आज हुंगरा नी दैंदी
भनुली ब्याली तैन सेवा नी लाई
भनुली आज हुंगरा नी दैंदी
हिटणु ऐथर, हेरणु पैथर,हरकणु – फरकुणु
भलु लगदू, भलु लगदू……

महिला
भलु लगदू मोहना तेरु हैंस हैंसी बच्याणु रे
हे भलु लगदू….

पुरुष
भलु लगदू भानुली तेरु मठु – मठु हिटणु
हे भलु लगदू….

मुखड़ा – 4
महिला

भरी गागरी,गागरी मा पाणी
भरी गागरी,गागरी मा पाणी
गौं का बाटा घाटा मा मोहना
लम्बी लम्बी धवाणी नी लाणु
गौं का बाटा घाटा मा मोहना
लम्बी लम्बी धवाणी नी लाणु
हैसणु- हैसाणु, मायालु बच्याणु, छुयों मा अलझाणु
भलु लगदू, भलु लगदू……

पुरुष
भलु लगदू भानुली तेरु मठु – मठु हिटणु
हे भलु लगदू….

महिला
भलु लगदू मोहना तेरु हैंस हैंसी बच्याणु रे
हे भलु लगदू….

मुखड़ा – 5
पुरुष

खाई नारंगी,नारंगी की दाणी
खाई नारंगी,नारंगी की दाणी
भनुली मेरी हियामा तु छई
तेरा हिया मा कु होलु कुजाणी
भनुली मेरी हियामा तु छई
तेरा हिया मा कु होलु कुजाणी
हिटणु ऐथर, हेरणु पैथर,हरकणु – फरकुणु
भलु लगदू, भलु लगदू……

महिला
भलु लगदू मोहना तेरु हैंस हैंसी बच्याणु रे
हे भलु लगदू….

पुरुष
भलु लगदू भानुली तेरु मठु – मठु हिटणु
हे भलु लगदू….

मुखड़ा – 6
महिला

हौल – नेसेणु,नेसेणु कु बणु
हौल – नेसेणु,नेसेणु कु बणु
मेरी बिनसेरी की धाण छुटैंदी
मोहना रात स्वीणों मा नी औण
मेरी बिनसेरी की धाण छुटैंदी
मोहना रात स्वीणों मा नी औण
हैसणु- हैसाणु, मायालु बच्याणु, छुयों मा अलझाणु
भलु लगदू, भलु लगदू……

पुरुष
भलु लगदू भानुली तेरु मठु – मठु हिटणु
हे भलु लगदू….

महिला
भलु लगदू मोहना तेरु हैंस हैंसी बच्याणु रे
हे भलु लगदू….

 


 

Mera Aan Se Harsh Ho (मेरा औण से हर्ष होकै तो व्हेल्यो)

 

मेरा औण से हर्ष हो कै तो व्हेल्यो
मेरा औण से हर्ष हो के त व्हेल्यो
ना हो मेरा जाणा कु दुःख कै न हो दुःख कै न हो
मेरा सुख मा हैंसणा कु न्यूतू सभु कू
मेरा दुःख मा रोणा कू हक कै न हो हक कै न हो
मेरा औण से हर्ष हो कै तो व्हेल्यो

मुलूक हो परायु
मुलूक हो परायु, खुद हो तुम्हारी..खुद हो तुम्हारी
मुलूक हो परायु, खुद हो तुम्हारी,खुद हो तुम्हारी
पीड़ा हो कि ज्वा आज तक सै न हो, आज तक सै न हो
पीड़ा हो कि ज्वा आज तक सै न हो, आज तक सै न हो

बडूल्यूं मा रैबार
बडूल्यूं मा रैबार भेजी नि ऐनी..भेजी नि ऐनी
बडूल्यूं मा रैबार भेजी नि ऐनी..भेजी नि ऐनी
क्या सुपिन्यम भी आणा कु बकत रै न हो, बकत रै न हो
क्या सुपिन्यम भी आणा कु बकत रै न हो, बकत रै न हो

कख बड़ीनि खुटी वो
कख बड़ीनि खुटी वो, किले नि बौडी होली..किले नि बौडी होली
कख बड़ीनि खुटी वो, किले नि बौडी होली..किले नि बौडी होली
कखी सौतेला बाठों न भक्लै न हो, भक्लै न हो
कखी सौतेला बाठों न भक्लै न हो, भक्लै न हो

ज्वनि माटू ह्वेगी
ज्वनि माटू ह्वेगी, ढून्गू व्हे पराण, ढून्गू व्हे पराण,
ज्वनि माटू ह्वेगी, ढून्गू व्हे पराण, ढून्गू व्हे पराण,
कभी सुख ऐ जालू त रगरै न हो रगरै न हो
कभी सुख ऐ जालू त रगरै न हो रगरै न हो

मेरा औण से हर्ष हो के त व्हेल्यो
ना हो मेरा जाणा कु दुःख कै न हो दुःख कै न हो
मेरा…सुख मा हैंसणा कु न्यूतू सभु कू
मेरा दुःख मा रोणा कू हक कै न हो हक कै न हो

 


 

Twee Chhai (त्वी छई.. त्वी त छैई)

 

मुखड़ा – 1
बोल्या बणौणी रैंदी ज्वा सुपर्‍यों मा ऐक..
हो हो………….हां हां…
बोल्या बणौणी रैंदी ज्वा सुपर्‍यों मा ऐक..
त्वी छै, त्वी छई मेरी सौंजड्या लैक…
सौंजड्या लैक…त्वे जनी
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख

(Group कोरस )
नीं नीं क्वी नी…
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
सैरी दुनिया मा…….

मुखड़ा – 2
सोचणु रयूं… खोजणु रयूं बाटों मा आंद जांद….
हो हो………….हां हां…
सोचणु रयूं… खोजणु रयूं बाटों मा आंद जांद….
कखं मिलली कब मिलली मेरा सुपर्‍यों की बांध
जोग बोला संजोग बोला, चा विद्याता कु लेख
त्वी छै, त्वी छई मेरी सौंजड्या लैक…
सौंजड्या लैक…त्वे जनी
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख

(Group कोरस )
नीं नीं क्वी नी…
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
सैरी दुनिया मा…….

मुखड़ा – 3
मेरी माया की मुरुली तेरा कान्यों मा बजणी त होली…
हो हो………….हां हां…
मेरी माया की मुरुली तेरा कान्यों मा बजणी त होली
तु ना बतो तेरी आंखी बतौणी मेरा बारा सोचणी त होली
जोग बोला संजोग बोला, चा विद्याता लेख
त्वी छै, त्वी छई मेरी सौंजड्या लैक…
सौंजड्या लैक…त्वे जनी…..
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख

(Group कोरस )
नीं नीं क्वी नी…
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
सैरी दुनिया मा…….

मुखड़ा – 4
तु नी मिलदी, मिन सदानी कुवार ही रै जाण छ…
हो हो………….हां हां…
तु नी मिलदी, मिन सदानी कुवार ही रै जाण छ.
सच बुनु सच तैरै सौं जोगी – बैरागी ह्वे जाण छ..
जोग बोला संजोग बोला, चा विद्याता लेख
त्वी छै, त्वी छई मेरी सौंजड्या लैक…
सौंजड्या लैक…त्वे जनी…..
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख

(Group कोरस )
नीं नीं क्वी नी…
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
त्वे जनी क्वी बांध नी मैं जनु क्वीं बैख
सैरी दुनिया मा…….

 


 

Harsu Mama (हर्षु मामा तंद्या येति तांदा)

 

मुखड़ा-1
पुरुष

हर्षु मामा तंद्या येति तांदा
हर्षु मामा तंद्या येति तांदा..2
हर्षु मामा राणा काना ल्योणि
हर्षु मामा सिरमौरया बांद..2
सभी गुणों मा हरी भरी हो जो
मुखणी जनि गैनो मा की चाँद..2
हर्षु मामा राणा काना ल्योणि रे

Chorus –
हर्षु मामा सिरमौरया बांद

महिला
हर्षु मामा घोटी जालो रैठो
हर्षु मामा घोटी जालो रैठो..2

हर्षु मामा ब्योला यन खुजे दे
हर्षु मामा घरजवैं जो बैठो..2

दिन मा करो मेरी सेवा पाणी
रात मा जो वाडा जेक बैठो..2

हर्षु मामा ब्योला यन खुजे दे रे

Chorus –
हर्षु मामा घर जवैं जो बेठो

पुरुष
हर्षु मामा दुणेटा की ग्वाली
हर्षु मामा दुणेटा की ग्वाली..2

हर्षु मामा क्वा छ ये जबोडय
हर्षु मामा घर जवैंइ वाली..2

हर्षु मामा क्या छ कारोबार
पुछदे मामा कती च मुयाली..2

हर्षु मामा क्या च कारोबार रे

Chorus –
पुछदे मामा कती च मुयाली..2

महिला
हर्षु मामा दूध भरी पारी
हर्षु मामा दूध भरी पारी..2

मेरा बाबा का स्योउ का बगीचा
दूर दूर ते सटी- ग्यु की सारी..2

मेरा भेजी का आलु का फर्म
बिज़नेस टीमाटरों कु भरी..2

मेरा भेजी का आलु का फर्म रे

Chorus –
बिज़नेस तिमाटर कु भरी

पुरुष
हर्षु मामा काटी जालो धोलो
हर्षु मामा काटी जालो धोलो..2

हर्षु मामा मेरी हां करे दे
ईं बांद को घर जवैं ही रौलु..2

दिन करोलू इकी सेवा पाणी
रात लिक वोडा भीतर स्योलु..
दिन करोलू इकी सेवा पाणी

Chorus –
रात लिक वोडा भीतर स्योलु..2

महिला
हर्षु मामा गंजाल की गोज
हर्षु मामा गंजाल की गोज..2

हर्षु मामा मेरा सिरमौर
हर्षु मामा थौला मेला की मोज..2
त्यावारों मा नाचणा की रीत
भैर भीतर सभी धाणियों की मोज..2

त्यावारो मा नाचना की रीत रे

Chorus –
बेहर भीतर सभी धाणियों की मोज

पुरुष
हर्षु मामा मैं पसंद ऐगे
हर्षु मामा सिरमौर्य बांद

महिला
हर्षु मामा मैं भी खूब लैगे
हर्षु मामा यो छबीलो ज्वान

पुरुष
हर्षु मामा मैं पसंद ऐगे रे
हर्षु मामा सिरमौर्य बांद

महिला
हर्षु मामा मै भी खूब लैगे रे
हर्षु मामा यो छबीलो ज्वान

Chorus – पुरुष
हर्षु मामा मैं पसंद ऐगे रे
हर्षु मामा सिरमौर्य बांद

महिला
हर्षु मामा मै भी खूब लैगे रे
हर्षु मामा यो छबीलो ज्वान

 


 

Oye Lachi Ghor Rumuk Podige (औऽए लछि घोर रुमुक पोड़ि गे)

 

पुरुष
धार मां कु गैणुं….पार देख ऐगे….ग्वेर चली गेनी…..तू याखुली रैग्ये…

मुखड़ा – 1
पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …
धार मा कु गैणु पार देख ऐगे,
ग्वेर चली गेनी तू याखुली रे गे..
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …

महिला
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै,
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै,

मुखड़ा – 2
महिला
सेरा बोण हेरी गौरु नि मिलीनि,
हाथ खुट्युं म्यारा कांडा बैठी गे नि..2
कख जू खुज्योलू रात पोड़ी गे,
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै… 2

पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये … 2

मुखड़ा – 3
पुरुष
दगड़ा का छोरो न गोरु चरेनी,
तिन डाल्यूं मां भमोरा बुखैनी..2
गोरु नि देखि नि छेलु बैठीं रै
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …

महिला
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै… 2

मुखड़ा – 4
महिला
गौरु नि मिलला मिन घोर नी आंण,
सेसुरियों थैंयी मुख कनु के दिखाण..2
जा तू जा रे गैल्या मी तैं छोड़ी दे,
लछि मोरी ग्याई डेरा बोली दे.. .2

पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये … 2

मुखड़ा – 5
पुरुष
ना रवो लछि त्यारा गौरु चलि गैनी
ग्वैरू छोरों न डेरा हकऽयेनी..2
तू त खेलूँ मा…मौन बैठी गे,
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये … 2

महिला
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै…

पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …

महिला
जागि जा रे गैल्या मि ना छोड़ी जै…

पुरुष
औऽए लछि घोर रुमुक पोड़िग्ये …

 


 

Mera ko Pahadi Mat Bolo Dehradun Wala Hoon (मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं)

 

मुखड़ा – 1
Narendra Singh Negi

अपणुं सी दिखेंणु छै रे, लगणु भली सी मौ को छै
अपणुं सी दिखेंणु छै रे,लगणु भली सि मौ को छै
कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, कै जिला कै गौं को छै ?
कै जिला कै गौं को छै ?……

Kabilas Negi
गढवालि कुमौं नि हूं ना, भुला ना भोला-भाला हूं
गढवालि कुमौं नि हूं ना, भुला ना भोला-भाला हूं
मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं
देहरादून वाला हूं…….

Narendra Singh Negi
चुक्खुवालो छे के, धाम्वालो छे के,
लच्छीवाला, जोगी वाला, हर्रावाला छे?
कखन ऐ रे पहाड़ी भुला, कै जिला कै गौं को छै ?
कै जिला कै गौं को छै ?……

मुखड़ा – 2
Kabilas Negi

पहाड़ मैं गया बि नै हूं, देस में ही रहा सदानि
पहाड़ मैं गया बि नै हूं, देस में ही रहा सदानि
कोदा झंगोरा चाक्खा भि ने कबि, पिया नें छुयों का पानि
ना गोर चराये मैंने, ना हौल लगाया,
मैं तो कोठी बंगले वाला हूं…
पहाड़ी-पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं
देहरादूण वाला हूं…….

Narendra Singh Negi
मिय्यांवालो छे के, मोथरोवालो छे के,
मेहूंवालो, मूब्बेवाले, मक्कावालो छे?
कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, कै जिला कै गौं को छै ?
कै जिला कै गौं को छै ?……

मुखड़ा – 3
Kabilas Negi

दादा बड़दादा रै होंगे पहाड़ में कभि के जमाना
दादा बड़दादा रै होंगे पहाड़ में कभि के जमाना
देस में ही पैदा हुए हम, सच्च मा ना चामाना
न पहाडी चीज भाती मुझको, न पहाड़ी बोली आती है
ना बींगता- बच्याता हूं…..
मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं
देहरादून वाला हूं…….

Narendra Singh Negi
सुद्दवालो छै के ? जस्सोवालो छै के ?
पित्थूवालो, नत्थूवालो, तुन्नवालो छै?
कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, कै जिला कै गौं को छै ?
कै जिला कै गौं को छै ?……

मुखड़ा – 4
Kabilas Negi

कपड़े मेरे साहबों जैसे, भाषा कान्वेन्ट वाली
कपड़े मेरे साहबों जैसे, भाषा कान्वेन्ट वाली
बथाओ अब किस एंगल से लग रहा हूं मैं गढवाली
शहरी हूं गंवार न समझो, जिन्स को सुलार न समझो,
मोटरसेकिल वाला हूं…….
पहाड़ी- पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं
देहरादून वाला हूं…….

Narendra Singh Negi
ब्राह्मणवालो छै के ? बंजारावालो छै के ?
बालावाला, भाऊवाला, भनियावालो छै?
कखन ऐ रे पहाड़ी भुला, कै जिला कै गौं को छै ?
कै जिला कै गौं को छै ?……

मुखड़ा – 5
Kabilas Negi

रंग भी गोरा चिट्टा मेरा, कद भी लम्बा ऊंचा है
रंग भी गोरा चिट्टा मेरा, कद भी लम्बा ऊंचा है
हीरो जैसा लगता हूं, मैने दगड़ियों से पूछा है
पहाड़ी भुला कहके मेरी बेज्जती क्यूं करते हो,
मैं भौत इज्जत वाला हूं…..
मेरे को पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं
देहरादूण वाला हूं

Narendra Singh Negi
सुन्दरवालो छै के ?, बनियावालो छै के ?
आमवाला, जामुनवाला, डालनवालो छे?
कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गों को छै ?
कखन ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छै?

Kabilas Negi
मेरे को पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं-
पहाड़ी – पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं-
देहरादून वाला हूं…………..

 


 

Na Tha Roop Cha Na Rang (नात रुप च ना रंग)

 

(भाग 1)
(स्वर पुरुष)

नात रुप च ना रंग, ना सौ श्रृंगार कु ठंग
नात रुप च ना रंग, ना सौ श्रृंगार कु ठंग
अर… नाम धर्यूं च जसी रूपा…. हे रुपा
ना बै त्वेमा नी खपणु च यौ नौंऊ
जमा नी जमणु च यौ नौंऊ…..

(स्वर महिला)
सज अपडु देख क्या च, नाक आलु गिच्यु प्याज
सज अपडु देख क्या च, नाक आलु गिच्यु प्याज
अर लोग बोदिन जसी देबू… हे देबु
ना भै जमा नी सजणु स्वो नौऊ
त्वेमा नीं खपणु स्वो नौऊ

(स्वर पुरुष)
नात रुप च ना रंग, ना सौ श्रृंगार कु ठंग
अर… नाम धर्यूं च बल रूपा…. हे रुपा
हे रुपा… ओ…. ओ… ओ…..हे रुपा

(भाग 2)
(स्वर महिला)

ख्वोटू त्येरु मन रे, ख्वोटी त्येरी माया
नौउ भी त्येरु झुटु, झुटी त्येरी माया
झुटी त्येरी माया….

(स्वर पुरुष)
त्वे म्येरा सौं छिन, झुट ना बोल
कैकी माया सच्ची, चल तराजु मा तोल
तराजु मा तोल….

(स्वर महिला)
घैट लैं कथीगैं ही सौउ… सौंउ
ना भै त्वेमा नीं खपणु स्वो नौऊ
जमें नी जमणु स्वो नौऊ

(स्वर पुरुष)
ना ना त्वेमा नी सजणु च नौउ
जमा नी जमणु च स्वो नौऊ

(भाग 3)
(स्वर पुरुष)

त्येरा बाना छोडी, यू घर गौं भी
बदली दयूलू राशि भी नौं भी..
राशि भी नौं भी…….

(स्वर महिला)
सच्ची माया मा नौउ कु क्या काम
दिल को मोल जुबान का दाम
जुबान का दाम……

(स्वर पुरुष)
सच्ची बात बतौउ..बात बतौउ..
रुपा अच्छु लग्दु त्येरु नौउ
प्यारू लग्दू त्येरु नौउ
ना भै त्वेमा नीं खपणु स्वो नौऊ
जमा नी जमणु स्वो नौऊ

(भाग 4)
(स्वर महिला)

जरा मेरा मन भी हैरी की देख
त्वी मेरा भाग जोग की लेख
जोग की लेख……

(स्वर पुरुष)
मिलगीन मन फिर, तुड़ा तुडी क्यां की
गिच्ची त्येरी झुटी सच्ची त्येरी आंखी
सच्ची त्येरी आंखी…

(स्वर महिला)
मन की बात बतौउ..बतौउ
देबू भलू लग्दु त्येरु नौंउ
प्यारु लगदु त्येरु नौंउ

(स्वर पुरुष)
त्येमा रुप भी च रंग,सौ श्रृंगार कु भी ठंग
त्येमा रुप भी च रंग,सौ श्रृंगार कु भी ठंग

(स्वर महिला)
सची बोदिन त्वैकु देबू….. हे देबू
हे देबू…….ओ ओ ओ

(स्वर पुरुष)
हे रुपा…….ओ ओ ओ

 


 

Ikhi Ei Prithvi Ma Ye Hi Jalam Ma (इखी ई पृथ्वी मा ये हि जलम मां)

 

इखी ई पृथ्वी मा ये हि जलम मां,
इखी ई पृथ्वी मा ये हि जलम मां

देखि त छैं च कख देखि होलि,
रुपसि बांद ज्वा बसिगे मन मां,
रुपसि बांद ज्वा बसिगे मन मां
देखि त छैं च कख देखि होलि
कख देखि होलि …..
सुपिन्यु ह्वै होलू, कि बैम रै होलू ?
सुपिन्यु ह्वै होलू, कि बैम रै होलू ?

चोरी काखड़ि, बिरानि सगोड़ीकि सी छै वा ,
चोरी काखड़ि, बिरानि सगोड़ीकि सी छै वा
सवादि येनि कि पैणेकि पकोड़ि सी छै वा…

काड़ों का बोटूमा हिंसारे गुन्दसि,
पिंडाळू पातुमा उंसिकी बुन्दसि
कख देखि होलि……
सुपिन्यु ह्वै होलू, कि बैम रै होलू…
सुपिन्यु ह्वै होलू, कि बैम रै होलू….

दाना दिवाना कि ब्योवाकि गांणि सी छै वा
दाना दिवाना कि ब्योवाकि गांणि सी छै वा
रुड़्यूं का घामूमा छोय्याको पांणि सी छै वा

 


Tu Holi Onchi Dandiyou Ma Beera (तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा)

तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा घस्यारी का भेष मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा घस्यारी का भेष मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
रोणु छौं परदेश मा….

ऊँची निसी डांडी गाड गद्न्या हिसर अर किन्गोड़ ला
छुल बुल बन ग्ये होली डाली ग्वेर दगडया तोडला

घणी कुनाल्यूँ का बिच अर बांज की डाली का छैल मा
बेटी ब्वारी बैठी होली बैख होला हैल मा
सर सर हव्वा आणि होली बद्रीनाथ का डांडा की
मुख मा लटुली उडणी होली ठंडी हवाळ डांडा की
पर मी मोरणु छौं घाम अर तीसळ ये देश मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा घस्यरी का भेष मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
रोणु छौं परदेश मा….

गौडी- भैंसी म्वा म्वा करदी रमदी लैंदी जब आली
ऊँकी गुसैण भांडी लेकी गौडी- भैंसी पिजाली

श्रौण -भादौ का मैना लोग धाणी सब जाला
ऊँका जनाना स्वामी कु अपड़ा स्यारों रोटी लिजाला
मूला की भुज्जी प्याज कु साग दै की कटोरी भोरीक
कोदा की अफुकू स्वामी कु ग्यून की रोटी खलल चोरीक
पर मी भुखू सी छौं अपड़ा स्वाद बिना ये देश मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
तू होली ऊँची डांडीयूँ मा बीरा घस्यरी का भेष मा
खुद मा तेरी सड़कयूँ पर में रोणु छौं परदेश मा….
रोणु छौं परदेश मा….

 


 

Mera Dandiyo Kanthiyo Ka Muluk (मेरा डांडी कान्ठ्यूं का मुलुक जेलू)

मेर डण्डि कण्ठियों का मुलुक जैल्यु, बसन्त रितु मा जैयि -२
हैर बण मा बुराँसि का फूल, जब बण आग लगाण होला..
पीता पखों थैं फ्योलिं का फूल, पिन्ग्ला रंग मा रंग्याण होला ..
ळाइयां पैयां ग्वीराल फूलु ना-२, होलि धर्ति सजि देखि ऐइ …
बसन्त रितु म जैयि…
मेर डांडि….

रन्गील फागुन होल्येरोन कि टोलि, डांडि कांठियों रंग्यणि होलि…
कैक रंग म रंग्युं होलु क्वियि, क्वि मनि-मन म रंग्श्याणि होलि..
किर्मिचि केसरि रंग कि बाढ-२, प्रेम क रंगों मा भीजि ऐइ…
बसन्त रितु म जैयि….
मेर डांडि….

बिन्सिरि देय्लिओं मा खिल्दा फूल, राति गों-गों गितेरुं का गीत…
चैता का बोल, ओजियों का ढोल, मेरा रोंतेला मुलुके कि रीत…
मस्त बिग्रैला बैखुं का ठुम्का-२, बांदूं का लस्सका देखि ऐइ….
बसन्त रितु म जैयि…
मेर डंडि….

सैणा दमला र चैतै बयार, घस्यरि गीतों मा गुंज्दि डांडि…
खेल्युं मा रंग-मत ग्वेर छोरा, अट्क्दा गोर घम्डियंदि घंडि..
वखि फुन्डे होलु खत्युं मेरु भि बच्पन, -२ ऊक्रि सक्लि त ऊक्रि कि लैयि…
बसन्त रितु म जैयि…

मेर डण्डि कण्ठियों का मुलुक जैल्यु, बसन्त रितु मा जैयि -२




Nayu Nayu Byo Cha (नयु नयु ब्यो च)

 मुखड़ा – 1
हे जी केबै ना करा -2
मठु मठु जौला
नयु नयु ब्यो च ,
मिठी मिठी छ्वी लगोला -2

हिटिले दि घमा घम -2
सरा सरी जौला
फूंक तौं लोली छ्युन, डेरे मा लगोला -2
नयु नयु ब्यो च , मिठी मिठी छवीं लगोला-2

मुखड़ा – 2
कन क्वे हिटण मिन, ऊंचा सैंडल छन -2
उकाली कु बाटु उनी, उनी रुडियुं का दिन
चला द्वी झणा हे एजी
चला द्वी झंणा हे जी, छैलू बैठि जौला
नयु नयु ब्यो च, मिठी मिठी छ्वी लगोला -2

भंडी होस ना कर -2
हिटले दी सरा सर
नांगा खोटुन हीट, सैडिल बटुआ मा धर
यूं गाणियोंन यखी -2
भूखी मोरी जौला
फूंक तौं लोली छूयूं, डेरे मा लगोला -2
नयु नयु ब्यो च, मिठी मिठी छ्वी लगोला -2

मुखड़ा – 3
पैदली का बाटा लेया, बाकि बाता का छाया -2
भंडी कजूस नवा, सुणा जरा बैठा भूयां
मोटर मा पेथरा की
मोटर मा पैथरी सीट मा बैठयाँरोला
नयु नयु ब्यो च, मिठी मिठी छ्वी लगोला -2
फूंक तौं लोली छ्वियुन, डेरे मा लगोला -2

भोल पर्सूयु बिटिन, पुंगडियों जाण तिन -2
कनु क्वे खैलि छुचि, कुंग्ली हाथ खुटियुं
हाल ऐ छिंन जवानी मा -2
बुंढेंदा क्या होला
फूंक तौं लोली छुयूंन, डेरे मा लगोला -2
नयु नयु ब्यो छ मिठी मिठी छ्वी लगोला -2
फूंक तौं लोली छुयूं, डेरे मा लगोला -2
नयु नयु ब्यो च मिठी मिठी छ्वी लगोला -2




Raimasi ko Fool (रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश)

पुरुष कोरस
रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश
रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश

महिला कोरस
कै मैना फूलालो, फूलो काबिलाश
कै मैना फूलालो, फूलो काबिलाश

पुरुष कोरस
चैत मा फुलालो, फूलो कबिलाश
चैत मा फुलालो, फूलो कबिलाश

मुखड़ा-2
महिला कोरस

कै गाड़ फुलालो फूलो कबिलाश
कै गाड़ फुलालो फूलो कबिलाश

पुरुष कोरस
हियूं -चूलों फुललो फूलो कबिलाश
हियूं -चूलों फुललो फूलो कबिलाश

पुरुष – महिला कोरस
रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश
रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश

मुखड़ा -3
महिला कोरस
कै देवा चढालु,फूलो कबिलाश
कै देवा चढालु,फूलो कबिलाश

पुरुष कोरस
महादेवा चढालु फूलो कबिलाश
महादेवा चढालु फूलो कबिलाश

पुरुष – महिला कोरस
रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश
रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश

मुखड़ा -4
महिला कोरस
कु जालु कु जालु फूलो कबिलाश
कु जालु कु जालु फूलो कबिलाश

पुरुष कोरस
वे नीला कबिलाश फूलो कबिलाश
वे नीला कबिलाश फूलो कबिलाश

महिला कोरस
कु लालू तोड़ी क फूलो कबिलाश
कु लालू तोड़ी क फूलो कबिलाश

पुरुष – महिला कोरस
रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश
रैमासी को फूल, फूलो कबिलाश

Chopati (छोपति ) Change Music
महिला कोरस
कु होलू चौ लाड़ी सुखीलो
कु होलू चौ लाड़ी सुखीलो

पुरुष कोरस
मैं छौं बौ तुम्हारु दयूरिलो
मैं छौं बौ तुम्हारु दयूरिलो

महिला कोरस
दयूरिलो कु दयूरिलो होलू
दयूरिलो कु दयूरिलो होलू

पुरुष कोरस
मै छौ बौ छोटो नैन सिंगा
मैं छौ बौ छोटो नैन सिंगा

महिला कोरस
दयूर चौ लाड़ी क्यूं बैठिन
दयूर चौ लाड़ी क्यूं बैठिन

पुरुष कोरस
बैठियूं चौ बाबा जी की डौरा
बैठियूं चौ बाबा जी की डौरा

महिला कोरस
बाबा जी निंन आज घौर
बाबा जी निंन आज घौर

पुरुष कोरस
ए बौउ कै गौउ ज्यांन
ए बौउ कै गौउ ज्यांन

महिला कोरस
बाबा जी बैलों का व्यापारी
बाबा जी भाबर ज्यांन
बाबा जी बैलों का व्यापारी
बाबा जी भाबर ज्यांन

 


 

Hey Darji Dida (हे दर्जी दिदा मैकू तू अंगडी बणे दे)

जीत सिंह नेगी जी द्वारा लिखा गया ,पारम्परिक गढ़वाली गीत गीत जिसको गाया है , रेखा धस्माना उनियाल जी ने। गीत के बोल हैं “हे दर्जी दिदा मैकू तू अंगडी बणे दे”

हे दर्जी दिदा मैकू तू अंगड़ी बणैं दे,
मेरी घाघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।
हे दर्जी दिदा मैकू तू अंगड़ी बणैं दे।
मेरी घाघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।

मिन आज नैनी डांडा देवी का पास जाण,
देवी का नौकु बुगठ्या मिन आज वख चडाँण।।
मिन आज नैनी डांडा देवी का पास जाण।
देवी का नौकु बुगठ्या मिन आज वख चडाँण।
इन आज मन च मेरु सोंजड्या भी मिलालु,
सोंजड्या मेरी अंगडी घाघरी पर मोहेलु।

ये घाघरी पर नौ गजा कू खोल लगे दे,
मेरी घाघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।
हे दर्जी दिदा मैकू तू अंगड़ी बणैं दे ,
मेरी घाघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।

इन फिट दरजी दादा अंगड़ी सीली तू,
मोटी सी कमर मा जू पट की चिपकी जौ ,
इन फिट दरजी दादा अंगड़ी सीली तू।
मुट्ठी सी कमर मा जू पट की चिपकी जौ
उ म्यारू सोंजड्या त श्रृंगार शौकिया च,
फूलों मा वेकु प्यार रंगीला मन वलु च।

ईं अंगडी पर फूल दार तैणी लगे दे,
मेरी घाघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।
हे दर्जी दिदा मैकू तू अंगड़ी बणै दे,
मेरी घघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।

मे आज रात एक सुपिनु प्यारु होया,
फूलों क बण म गौं मी घघरी घूमे क,

मे आज रात एक सुपिनु प्यारु होया।
फूलों क बण म गौं मी घघरी घूमे क,
उ म्यारा समणी आया बांसुली बजांद।
ईं घाघरी पैरीक नाचण लग्युं च,

मेरी अंगड़ी पर टिच दार बटण लगे दे,
मेरी घाघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।
हे दर्जी दिदा मैकू तू अंगड़ी बणैं दे ,
मेरी घघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।
जन्नी उ म्यारा समणी हैंसदा आला दीदा।
घूँघट क्यांकू करलु चदरि तिनीच,

जन्नी उ म्यारा समणी हैंसदा आला दीदा।
घूँघट क्यांकू करलु चदरि तिनीच,
चदरि हो त इन्नी जु जालीदार हो.
घूँघट बटे उन्कु मुक भल कै दिखे हो।

ये चदरि पर रंगबिरंगी टुफ्की लगे दे,
मेरी घाघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।
हे दर्जी दिदा मैकू तू अंगड़ी बणैं दे।
मेरी घाघरी पर चमकदार मगज़ लगे दे।

 


 

Bhabar Jaiyola (भाबर जयौला)

 MALE
यख पहाड़ू मा जाडू ह्वेगी भारी…
यख पहाड़ू मा जाडू ह्वेगी भारी…
चार छै मैना भागी….
मैना चारेऽक भगी भाबर जयौला..
भाबर जयौला..

FEMALE
तुम्हारी माया मां ह्यूंदक्या उमर भी
तुम्हारी माया मां ह्यूंदक्या उमर भी
यखी कटी जाली सूआ..
यखी रैजौला सूआ.. भाबर नी जौला
भाबर नी जौला….

MALE
यख पहाड़ू मा जाडू ह्वेगी भारी…
……………………

FEMALE
दिन कटिला घाम तापी की
ब्यखुनी अंग्येठी आग……

हे सुवा…. सुवा…. हे
दिन कटिला घाम तापी की
ब्यखुनी अंग्येठी आग……
घ्यू चूपड़ी रवोट्टी खिलौलू
माया मा छौंक्यूं साग
माया मा छौंक्यूं साग…..
मिठी – मिठी म्याली छूयूं
मिठी – मिठी म्याली छूयूं ओड़ला -बिछौला

MALE
चार छै मैना भागी….
मैना चारेऽक भगी भाबर जयौला..
भाबर जयौला..
……………………

STAP -3
MALE
तेरी चीफली – चुपड़ी छूयूंन
पेट नी भरैंण….

हे भागी…. भागी हे……
तेरी चीफली – चुपड़ी छूयूंन
पेट नी भरैंण….
माया की माला जांप – जांपीकी
जिंदगी नी कटैंण
जिंदगी नी कटैंण……..
रवजगार ख्वजौंला वख
रवजगार ख्वजौंला वख….
कुछ कमैं कि ल्योंला……

FEMALE
यखी कटी जाली सूआ..
यखी रैजौला सूआ.. भाबर नी जौला
भाबर नी जौला….
……………………

FEMALE

खेती करला साग – सग्वोड़ी
भूजी बेचला बाजार

हे सुवा…. सुवा…. हे
खेती करला साग – सग्वोड़ी
भूजी बेचला बाजार
गोड़ी भैसी पालला सुआ
घ्यूं – दूधौ व्यापार
क्या च धरयूं वे माल भाबर
क्या च धरयूं वे माल भाबर…
यखी कमौला – समौला

MALE
चार छै मैना भागी….
मैना चारेऽक भगी भाबर जयौला..
भाबर जयौला..
……………………

MALE
रूडी काटला ठंडा पाडू मा
मौज मनौला घर गौउ मां…..

हे भागी…. सूंण त सैं ……
रूडी काटला ठंडा पाडू मा
मौज मनौला घर गौउ मां…..
चौमास डांडा छानीयों मा रौला
ह्यूंद वै तैला भाबर मा
ह्यूंद वै तैला भाबर मा…
वख वैं बड़ा बड़ा हाटी बजार
लत्ता – कपड़ा मोल्यौला

FEMALE
यखी कटी जाली सूआ..
यखी रैजौला सूआ.. भाबर नी जौला
भाबर नी जौला….
……………………

 


 

केका मन की केन नि जानी

केका मन की केन नि जानी (2) केमा छे लोला तू खेरी लगानी (2)
केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जानी

केन नि सुनी डांडीयूँ की खेरी, केन नि फुन्जया डालियुं का आंशु (2)
पुंगडीयूँ की जिकुड़ीयूँ माँ साख्युं की पीड़ा, धरती की बिपदा केन पछ्याणी
केका मन की केन नि जानी, केका मन की केन नि जाणी

पूस जड्डों माँ निथाडेनदु घिन्दुड़ी, स्वीली पीड़ा माँ बिब्लान्द घुघूती
केन नि पूछी दुखयारी हिलांस, गीत खुदेड किले राली गाणी
केका मन की केन नि जानी, केका मन की केन नि जाणी

जेठा का घामु माँ लागुलियुं पिठेन्द, बंसुली की भोण माँ फूलु खुदेंद
केल पछ्यानी चोली की तीस, जिकुड़ी माँ डाम आंखियुं माँ पाणी
केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जाणी

राती कु दाना उड्यारु कणान्द, डोरा ला डालू बाचु लुकान्द
केन नि बिंगी बतादुन्द कर्द, बस्ग्याली रोल्ला बोलो की बानी
केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जानी

बाटों का गारा ब्याखुनी का बगत, जांदा बटवे की आंदवाली लगद
बाटों का गारा ब्याखुनी का बगत, जांदा बटवे की आंदवाली लगद
नि अटगिली कैंन ना कैं बूथेनी, निरमैंति ब्यटुली, सि तों की पराण
कै मा चे लोया तू खैरी लगाणी, केमा छे लोला तू खेरी लगाणी

केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जाणी
केका मन की केन नि जानी केका मन की केन नि जाणी

 


 

Narendra Singh Negi (नरेंद्र सिंह नेगी: गढ़वाल के संगीत के जादूगर)


नरेंद्र सिंह नेगी उत्तराखंड के गढ़वाली संगीत की दुनिया का एक प्रसिद्ध नाम हैं। उनकी मधुर आवाज़ और गीतों की गहराई ने उन्हें लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान दिलाया है। नेगी जी ने अपने गीतों के माध्यम से गढ़वाल की संस्कृति, परंपराओं, और जनजीवन का अद्भुत वर्णन किया है।

उनके गीतों में पहाड़ों की खूबसूरती, नदियों की कलकल, और गाँव की सरल जीवनशैली की झलक मिलती है। उन्होंने अपने करियर में सैकड़ों गीत लिखे और गाए हैं, जो आज भी लोगों की ज़ुबान पर रहते हैं।

नरेंद्र सिंह नेगी ने गढ़वाली संगीत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनके गीत केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी देते हैं। उनके योगदान से गढ़वाली संगीत की धरोहर को एक नई ऊँचाई मिली है। नेगी जी का संगीत उत्तराखंड की आत्मा को जीवंत करता है और हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखता है।